Kirti Bhite's recipe
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मराठी बारशाचे उखाणे | marathi barshache ukhane
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ज्या ज्या स्थळी हे मन जाय माझे ।
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पिता माता बंधु तुजविण असे कोण मजला ।
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बन्ना बुलाए, बन्नी ना आए,
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वटसावित्री चे उखाणे - भाग २ | Watsavitri che ukhane - 2
चांदी चा कप ,सोन्याची बशी , . . . . . . . . रावांचे नाव घेते मी वटसावित्रीच्या दिवशी . पौर्णिमेला चंद्र लखलखतो आकाशी , . . . . . . . . र...
प्रदक्षिणा - क्षमापनम्
प्रदक्षिणा यानि कानि च पापानि जन्मान्तरकृतानि च ।तानि तानि विनश्यन्ति प्रदक्षिणं पदे पदे ।। क्षमापनम् अन्यथा शरणं नास्ति त्वमेव ...
गोदभराई के गीत | Godbharai ke geet
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बन्नी धीरे चलो ससुराल गलियाँ
बन्नी धीरे चलो ससुराल गलियाँ बन्नी बेंदी सम्हारेगीं वही सखियाँ जिनके गोरे गोरे गाल, रसीली अंखियाँ जिनकी नरम कलाई, हरेरी चूड़ियाँ ...
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